देश- विदेश के 400 डॉक्टर्स ने कहा काटना पड़ेगा पैर, लेकिन उदयपुर के डॉक्टर ने तीन जगहों से टूटे पैर को जोड़कर किया करिश्मा


| July 10, 2016 |

मेवाड़ सुपर स्पेशिलिटी में हुआ देश का पहला ऐसा जटिल ऑपरेशन

उदयपुर| जिस मरीज को देख देश विदेश के 400 ऑर्थोपेडिक डॉक्टर पैर काटने की सलाह दें और उसे उदयपुर के ही एक डॉक्टर महज साढ़े तीन घंटे के ऑपरेशन से जोड़ दें तो यह किसी करीश्मे से कम न होगा। जिसने भी सुना उसे अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ।

9 सालों से गंभीर गठिया से पीड़ित महिला मरीज का सफल ऑपरेशन डॉक्टरों की टीम ने किया है। इस ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि महिला को 9 सालों में दो बार फ्रेक्चर हुआ था, जिसके बाद दोनों ही बार हड्डियां अपने आप ही 90 डिग्री के कोण पर जुड़ गई। जिससे महिला मरीज का पैर अंग्रेजी के लेटर “सी’ के आकार का हो गया था। मेवाड़ हॉस्पिटल में साढ़े तीन घंटे में सफल ऑपरेशन करने वाली डॉक्टरों की टीम का दावा है कि यह पूरे देश का ऐसा पहला मामला है।

 


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सीक कबाब बनाने जैसा हुआ महसूस

डॉ. मनीष ने बताया कि जैसे ही वे हड्डियों के टुकड़ों काे जोड़ रहे थे। तो उन्हें यह महसूस हो रहा था कि वे सीक कबाब बनाने के लिए सीक में कबाब व सब्जियों के टुकड़े पीरो रहे हों।

घुटने से खोल दिया पूरा पैर: घुटनों से लेकर पैर की उंगलियों तक पैर को चमड़ी और मांसपेशियों को खोला गया। जिससे हड्डी साफ दिखाई दे। इसके बाद आरी की सहायता से हड्डी को तीन जगहों से काटा गया। सभी टुकड़ों को जोड़ने के लिए और पैर को सीधा करने के लिए एक नया घुटना प्रत्यारोपित करना पड़ा।

चार दिन की रिसर्च: हॉस्पिटल के एमडी डॉ. मनीष छापरवाल ने बताया कि पैर में तीन जगहाें पर ऑपरेशन करना था। ऑपरेशन की कोई भी रेफरेंस जानकारी इंटरनेट पर भी मौजूद नहीं थी। ऐसे में चार दिनों तक गहन अध्ययन के बाद ऑपरेशन का फैसला लिया गया। ऑपरेशन में ऑर्थो के अलावा, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी और एनेस्थिसिया की पूरी टीम मौजूद थी।

इनका हुआ ऑपरेशन

राजसमंद के देवगढ़ निवासी 65 वर्षीय रूपी बाई 9 सालों से गठिया से पीड़ित थी। इस कारण वो बिस्तर से भी नहीं उठ पाती थी। दो बार चलने की कोशिश में दो बार पैर फ्रेक्चर हो गया। जिसका भी इलाज नहीं हो पाया।

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